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रविवार, 5 दिसंबर 2010

घर में बनाइये मोइश्चराइज़र

किसी शिशु के गोरे-गुलाबी गालों के स्पर्श की अनुभूति देने जैसी शीत ऋतु तो आ गयी.....पर इन गालों की कोमलता बनाए रखना ........सचमुच किसी समस्या से कम नहीं  है. पर प्रकृति नें अपने खजाने में इस समस्या का हल भी छिपा रखा है आपके लिए, तो चलिए खोजते हैं ...क्या है इस खजाने में. पहले एक काम करते हैं .....आप बाजार से ग्लिसरीन और गुलाब-जल ले आइये ..तब तक हम कहीं से जुगाड़ करते हैं ताजे नीबुओं का.  
.........ले आये ! चलिए, आज आप अपने शरीर की त्वचा को कोमल बनाए रखने के लिए घर में ही बनाइये एक अच्छा सा मोइश्चराइज़र, विधि हम बताये दे रहे हैं -
ग्लिसरीन -    ६० मिली ली.
गुलाब जल  -    ३० मिली ली. 
ताजे नीबुओं का रस - १० मिली ली. 
एक साफ़ कांच की शीशी में इन सबको उपरोक्त मात्रा में लेकर मिला कर रख लें ....बस ! हो गया .... मोइश्चराइज़र तैयार है आपका. जब भी आवश्यकता हो इसकी कुछ बूँदें लेकर त्वचा पर लगा लें.
ग्लिसरीन त्वचा की नमी को बनाए रखती है, गुलाब-जल त्वचा के वर्ण को निखारता है और नीबू का विटामिन सी.त्वचा को पोषण तो देता ही है ......मृत कोशिकाओं को भी शरीर से सरलता से पृथक करनें में सहयोग करता है. इतने गुण और कहाँ मिलेंगे आपको ? तो आजसे महंगे मोइश्चराइज़र खरीदना बंद.
स्वदेशी अपनाइए .....देश बचाइये ......(अउर भइया पकेटवा का पईसवा भी त बचेगा न ! ई काहे भूल रहे हैं ...)      

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