Gadget

यह सामग्री अभी तक एन्क्रिप्ट किए गए कनेक्शन पर उपलब्ध नहीं है.

सोमवार, 18 अक्तूबर 2010

अभिवादन और संक्रमण

मर्यादा  पुरुषोत्तम  श्री  राम  की  ननिहाल  में अभिवादन के पाश्चात्य तरीके से सावधान रहने की आवश्यकता है / जी हाँ ! मैं छत्तीसगढ़ की बात कर रहा हूँ / यहाँ अस्पताल आने वाले रोगियों में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो डॉक्टर से हाथ मिलाना आवश्यक समझते हैं फिर भले ही वे नोसोकोमिअल इन्फेक्शन के शिकार क्यों न हो जाएँ/
              लगता है ''हाथ धो दिवस'' में लोगों को यह भी बताने की ज़रुरत है कि न केवल भोजन से पूर्व हाथ धोने की आवश्यकता है अपितु हाथ को संक्रमित होने से बचाने की आवश्यकता भी है / ....और इसके लिए उन्हें केवल हाथ जोड़कर भारतीय पद्यति से नमस्कार करने की आदत डालनी होगी/ 
             अस्पताल परिसर में क्रास-इन्फेक्शन होना एक आम बात  है/  केवल अमेरिका में क्रास इन्फेक्शन  के कारण प्रति वर्ष हज़ारों लोगों की मृत्यु हो जाती है जबकि इसे रोकना ज़रा भी मुश्किल नहीं है/ बस उन्हें इतना ही बताने की आवश्यकता है कि अभिवादन का सबसे बेहतर तरीका हाथ जोड़कर नमस्कार करना ही है/ 
मुझे याद है एक बार मैं अपने एक मित्र से मिलने अस्पताल पहुंचा वे ऑपरेशन करने केलिए तैयार हो चुके थे , मेरा नाम सुनते ही ओ.टी से बाहर आये , आते ही ग्लब्स  पहने ही बड़ी गर्मजोशी से उन्होंने मुझसे हाथ मिलाया/ मुझे संकोच हुआ पर उनके बढ़े हुए हाथ की अवहेलना नहीं कर सका / जब वे वापस अन्दर जाने लगे तो उनके पीछे-पीछे आयी नर्स नें उन्हें फिर से प्रेपरेशन रूम की ओर इशारा किया , वे झेंप गए. और सॉरी कहकर ग्लब्स बदलने चले गए/ नर्स मुस्कराई -" मुझे पता था आप भूल जायेंगे इसीलिये मैं आपके पीछे-पीछे आ गयी"
यह   अक्षम्य  गलती थी, किसी सर्जन से इस गलती की ज़रा भी आशा नहीं की जा सकती/  ऐसा नहीं कि  वे IATREOGENIC कारणों की गंभीरता को नहीं जानते / दर-असल हमारे समाज का ढांचा ही कुछ इस तरह का बना हुआ है कि हम किताबों के आदर्श से बहुत ज़ल्द बाहर आ जाते हैं और एक आम आदमी जैसे बन कर व्यवहार करने लगते हैं / 
खैर,  मैं आपको यह बता देना चाहता हूँ कि हर व्यक्ति एक वाहक के रूप में व्यवहार करते हुए रोगजनक माइक्रो ओर्गेनिज्म को एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचाता है , कोई आवश्यक नहीं कि वाहक स्वयं रोगी ही हो , वह स्वस्थ्य भी हो सकता है पर अपने संपर्क में आने वाले दूसरे लोगों को रोगी बना सकता है / अब क्योंकि अस्पताल में विभिन्न रोगों के रोगी आते हैं इसलिए स्वाभाविकतः  वहां विभिन्न रोग-जनक माइक्रोब्स की भरमार होगी / डॉक्टर स्वयं भी प्रतिदिन न जाने कितने रोगियों के सीधे संपर्क में आते हैं और एक सशक्त वाहक बन जाते हैं / नोसोकोमिअल इन्फेक्शन से बचने के लिए इतना एहतियात ज़रूरी है / यदि हम इतना कर लेते हैं तो अनेकों रोगों से यूँ ही बच सकते  हैं/
 ................और इस मुहिम में सभी डॉक्टर्स से मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे हाथ मिला कर अभिवादन करने की इस अवैज्ञानिक एवं रोग फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विदेशी एवं सर्वथा अनुपयुक्त  परम्परा को हतोत्साहित करने में अपनी सक्रिय भूमिका को निभाने के क्रम में सबसे पहले स्वयं हाथ जोड़ कर नमस्कार करना प्रारम्भ करने का मेरा निवेदन स्वीकार करें /
                                         ..........सर्वे भवन्तु सुखिनः ,सर्वे सन्तु निरामयाः / 
एक टिप्पणी भेजें